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Monday, November 9, 2009

शैतान की सीख

उत्तर जानते हुए भी चुप रहोगे तो शैतान तुम्हारा सर फोड़ देगा ...और अगर नहीं जानते तो अपना सर फोड़ेगा ... भला और बुरा दो भाई थे (एक समय की बात है) वे बिना माँ- बाप के ही पैदा हुए और दुनिया में मौजूद रहे (ऐसा कैसे सम्भव हुआ कोई नहीं जनता) खैर जो होता आया है हुआ ,समय गुजरा और वे दोनों किशोरावस्था को प्राप्त हुए बात चूँकि पुरानी है इसलिए धोखे में मत आइये 'फिल्मी फार्मूला' तब भी मौजूद था जी हाँ ! दोनों को एक ही सुंदरी 'जनता कुमारी' से प्रेम हुआ।मरियल शरीर लेकिन धूर्त बुद्धि वाले 'भले' को जल्द ही महसूस हो गया कि जनता कुमारी' का ज़्यादा ध्यान मजबूत काठी वाले शर्मीले 'बुरे' की तरफ़ है ज़ाहिर है ये उसे नागवार गुज़रा ,सोउसने खूब सोच कर आखिरकार 'जनता कुमारी'को धीरे - 'बुरे' की ताक़त से डराना शुरू किया उसने बताया कि 'बुरा' कितना भयानक हो सकता था और कितना अधिक नुकसान पहुँचा सकता था। जितना अधिक वह 'बुरे' का कथित भय बढाता रहा,उतना ही 'सुंदरी जनता' उसके करीब आती गई ।प्यार करने लगी और अंततः पूजने लगी आज भी जब 'भले' को कुछ असुरक्षित सा लगता है तो वो 'बुरे' से खतरे के बारे में चिल्लाने लगता है ,'जनता कुमारी' तुंरत 'भले' की पूजा में जुट जाती है।
प्रश्न ():-भला और बुरा नाम के दो भाई कहाँ रहते थे ?
प्रश्न():-क्या इस कहानी से भी कोई शिक्षा मिलती है ?
प्रश्न ():-'भगवान' और 'शैतान'के बारे में आप क्या जानते हैं ?

1 comment:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बढ़िया है जी!
उत्तर हमें नही पता हैं।